Sunday, February 10, 2019

लफ़्फ़ाज़ियाँ शुरू



शुरुआत किया है लिखने का
अल्फ़ाज़ की क़ीमत क्या होगी?
आग़ाज़ की फ़ितरत ऐसी है
अंजाम की हसरत क्या होगी?

जिसने मोहलत दी लिखने की
उस वक़्त की रहमत क्या होगी?
मुझको सुनना बर्दाश्त किया
अपनों की ज़हमत क्या होगी?

जो दुआ तहेदिल से निकली
उस दुआ की शोहरत क्या होगी?
बिना मन्नत के ही सब पाया
तो रब की इबादत क्या होगी?

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