बच्चों के लिए जलती वो शमा नहीं बदली
दुनियाँ बदल गई मगर वो माँ नहीं बदली
समय के साथ बच्चे चाहे कितने बड़े हों
बच्चों के लिए माँ की कामना नहीं बदली
माँ की अदालत में बस है दिल की गवाही
ख़ताएं हों चाहे जैसी, वो झमा नहीं बदली
जिस नाम से पुकारो, हर नाम में ममता है
मतलब बदल गये वो अनुपमा नहीं बदली
आज भी हर दर्द में बस माँ ही याद आए
दिल के इस पुकार की जुबाँ नहीं बदली
ना जाने कितने घर में आशियां बना मेरा
पर माँ की नज़र में मेरी जगह नहीं बदली
बच्चों की हर ख़ुशी में ही ख़ुशी मनाये माँ
उसने कभी ख़ुशी की ये वजह नहीं बदली
उमर के हर पड़ाव पे औलाद तो बदली
पर आज भी बच्चे के लिए माँ नहीं बदली
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